UPI Payment New Rule Alert आज के समय में भारत में चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, हर जगह UPI (Unified Payments Interface) का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन हाल ही में National Payments Corporation of India (NPCI) और रिज़र्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने और पेमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ₹2000 से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर कुछ नए और सख्त नियम लागू किए हैं।
अगर आप भी Google Pay, PhonePe, या Paytm जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह UPI Payment New Rule Alert आपके लिए जानना बेहद ज़रूरी है। इस आर्टिकल में हम 5 आसान चार्ट्स के ज़रिए समझेंगे कि इन नए नियमों का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा या नहीं।
UPI New Rule 2026 Overview (एक नज़र में)
सबसे पहले इस नए नियम का एक संक्षिप्त विवरण देख लेते हैं:
| जानकारी (Particulars) | विवरण (Details) |
| नियम लागू करने वाली संस्था | NPCI एवं RBI |
| किस पर लागू होगा? | ₹2000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन (PPI) पर |
| इंटरचेंज फीस (Interchange Fee) | 1.1% तक (मर्चेंट कैटेगरी के अनुसार) |
| आम यूज़र्स के लिए चार्ज? | बिल्कुल फ्री (कोई चार्ज नहीं) |
| नियम का मुख्य उद्देश्य | सुरक्षित पेमेंट और वॉलेट सिस्टम को मजबूत करना |
₹2000 के UPI पेमेंट पर 1.1% चार्ज का सच क्या है?
सोशल मीडिया पर यह अफवाह बहुत तेज़ी से फैली कि अब ₹2000 से ज्यादा किसी को भी भेजने पर चार्ज लगेगा। यह पूरी तरह सच नहीं है। NPCI ने साफ किया है कि बैंक-टू-बैंक (Bank Account to Bank Account) ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह ही बिल्कुल मुफ़्त रहेंगे।
चार्ज सिर्फ PPI (Prepaid Payment Instruments) यानी ऑनलाइन वॉलेट (जैसे Paytm Wallet, PhonePe Wallet) या गिफ्ट कार्ड से किसी मर्चेंट (दुकानदार) को ₹2000 से अधिक का पेमेंट करने पर लगेगा। यह चार्ज भी यूज़र को नहीं, बल्कि दुकानदार (Merchant) को देना होगा।
Normal UPI vs PPI Wallet Transaction
| पेमेंट का माध्यम (Payment Mode) | पैसा कहाँ जा रहा है? | क्या चार्ज लगेगा? (₹2000 से ऊपर) |
| बैंक अकाउंट से (Normal UPI) | दोस्त/रिश्तेदार के अकाउंट में | कोई चार्ज नहीं (0%) |
| बैंक अकाउंट से (Normal UPI) | दुकानदार के QR कोड पर | कोई चार्ज नहीं (0%) |
| वॉलेट से (PPI) | दुकानदार के QR कोड पर | हाँ, मर्चेंट को 1.1% तक चार्ज देना होगा |
नए यूज़र्स के लिए 4 घंटे का टाइम लिमिट नियम (सुरक्षा अलर्ट)
ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने एक और प्रस्ताव पेश किया है। यदि कोई यूज़र पहली बार किसी नए व्यक्ति को ₹2000 से अधिक की राशि भेजता है, तो उस ट्रांज़ैक्शन को पूरा होने में 4 घंटे का समय लग सकता है। इसका उद्देश्य यह है कि अगर पेमेंट गलती से या फ्रॉड के तहत हो रहा है, तो यूज़र उसे समय रहते कैंसिल कर सके।
Chart 3: 4-Hour Delay Rule (Expected Mechanism)
| ट्रांज़ैक्शन का प्रकार | ट्रांसफर की जाने वाली राशि | प्रोसेसिंग समय (Time) |
| पुराने/सेव किए गए संपर्क को | कोई भी राशि | तुरंत (Instant) |
| नए संपर्क को (पहली बार) | ₹2000 से कम | तुरंत (Instant) |
| नए संपर्क को (पहली बार) | ₹2000 से अधिक | 4 घंटे की संभावित देरी (रिव्यू के लिए) |
विभिन्न मर्चेंट कैटेगरी के लिए इंटरचेंज फीस
₹2000 से ऊपर के वॉलेट ट्रांज़ैक्शन पर लगने वाली 1.1% की फीस हर जगह एक जैसी नहीं है। कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में यह फीस बहुत कम रखी गई है।
Category-wise PPI Interchange Fee
| मर्चेंट की कैटेगरी (Business Category) | लागू इंटरचेंज फीस (₹2000 से ऊपर वॉलेट पेमेंट पर) |
| एग्रीकल्चर (Agriculture) | 0.50% |
| शिक्षा एवं स्वास्थ्य (Education & Telecom) | 0.70% |
| सुपरमार्केट (Supermarkets) | 0.90% |
| अन्य सभी सामान्य मर्चेंट | 1.10% |
UPI फ्रॉड से बचने के 5 सुनहरे नियम
नियम चाहे कितने भी सख्त हो जाएं, आपकी अपनी जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। पेमेंट करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
UPI Safety Checklist
| सुरक्षा नियम (Safety Rules) | क्या करें / क्या न करें |
| UPI PIN का उपयोग | PIN केवल पैसे भेजने के लिए डालें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी नहीं। |
| स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स | पेमेंट के दौरान AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप्स डिलीट रखें। |
| कस्टमर केयर नंबर | Google पर कस्टमर केयर नंबर न खोजें, हमेशा ऑफिशियल ऐप का उपयोग करें। |
| अनजान लिंक | WhatsApp या SMS पर आए किसी भी लॉटरी लिंक पर क्लिक न करें। |
निष्कर्ष (Conclusion)
कुल मिलाकर, आम जनता को UPI Payment New Rule से घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। आपके बैंक से बैंक खाते में होने वाले सभी लेन-देन पूरी तरह से मुफ्त हैं। सरकार और NPCI के ये नए कदम केवल डिजिटल अर्थव्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए हैं।












