क्या आप भी हर छोटी-बड़ी चीज के लिए Google Pay, PhonePe या Paytm का इस्तेमाल करते हैं? तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है! तेजी से बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए, भारत में 2026 से UPI पेमेंट्स के नियमों में कुछ बेहद सख्त बदलाव किए गए हैं।
अब आपका पैसा पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित होगा, लेकिन इसके लिए आपको पेमेंट करते समय कुछ नए नियमों से गुजरना होगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि 2026 में UPI के कौन से नए नियम लागू हो रहे हैं।
1. ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन
अब अगर आप ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट करते हैं, तो आपको सुरक्षा के एक अतिरिक्त घेरे (Extra Authentication Layer) से गुजरना होगा। इस नियम का सीधा मकसद बड़े ट्रांजैक्शन को फ्रॉड से बचाना है, जबकि ₹2,000 से कम के रोजमर्रा के पेमेंट पहले की तरह ही बिना किसी रुकावट के होते रहेंगे।
2. अब PIN नहीं, फेस या फिंगरप्रिंट से होगा पेमेंट!
पिन (PIN) चोरी होने या हैक होने का डर अब खत्म होने वाला है! आधार सिस्टम से जुड़े डेटा का इस्तेमाल करके अब बायोमेट्रिक (चेहरा पहचानना और फिंगरप्रिंट) फीचर को भी पेमेंट के लिए जरूरी बनाया जा रहा है।
3. रिसीवर का ‘असली नाम’ ही स्क्रीन पर दिखेगा
कई बार फ्रॉड करने वाले लोग फर्जी नाम से UPI आईडी बना लेते हैं। लेकिन नए नियम के तहत, पेमेंट करने से पहले स्क्रीन पर सिर्फ वही नाम दिखेगा जो रिसीवर के बैंक खाते (Validate Address API के जरिए) में असल में दर्ज है। इससे आप गलत इंसान को पैसे भेजने से बच जाएंगे।
4. डेली ट्रांजैक्शन लिमिट तय (₹1 लाख)
आम यूजर्स के लिए UPI से एक दिन में पैसे भेजने की लिमिट को 1 लाख रुपये पर फिक्स रखा गया है। हालांकि, अस्पताल के भारी-भरकम बिल, टैक्स पेमेंट या एजुकेशन फीस जैसी खास जरूरतों के लिए यह लिमिट 5 लाख रुपये तक की जा सकती है।
5. KYC के नियम हुए बेहद कड़े
फर्जी और डमी अकाउंट्स पर लगाम कसने के लिए देशभर में UPI के लिए KYC नियमों को कड़ा कर दिया गया है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि फ्रॉड को तुरंत रोका जा सके।
क्या अब UPI पेमेंट करने पर पैसा (Charge) कटेगा?
सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के उलट, आम लोगों के लिए एक बैंक से दूसरे बैंक (Bank-to-Bank) में पैसे भेजना बिल्कुल फ्री रहेगा। जो 0.5%–1.1% का इंटरचेंज चार्ज लगेगा, वह केवल प्रीपेड वॉलेट के जरिए ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर होगा, जिसका बोझ ग्राहकों पर नहीं, बल्कि मर्चेंट्स पर पड़ेगा।
निष्कर्ष: 2026 के ये नए नियम थोड़ी सख्ती जरूर ला रहे हैं, लेकिन इनका एकमात्र उद्देश्य आपकी मेहनत की कमाई को स्कैमर्स से बचाना है।
Disclaimer: This article is for general informational purposes only. For exact rules, transaction limits, and security guidelines, please refer to official notifications issued by the concerned authorities or your respective UPI service provider.






